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हाथकरघा वस्‍त्र उद्योग

  • हाथकरघा उद्योग एक प्राचीन एवं पुरानी कला है। इस कला को जीवि‍त रखने एवं उत्तरोत्तर प्रगति‍ की दृष्‍टि‍ से राज्‍य शासन द्वारा पृथक संचालनालय की स्‍थापना की करके प्रत्‍येक जि‍ले में कार्यालय की स्‍थापना की है। ताकि‍ ग्रामीण बनुकरों का जीवन सम्‍पर्क बना रहे। उन्‍हे अधि‍क से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्‍ध हो एवं बुनकर परि‍वार आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें, इसके लि‍ए नि‍रन्‍तर प्रयास कि‍ये गये।

जि‍ले में पंजीकृत बुनकर सहकारी समि‍ति‍यों की जानकारी -

कुल पंजीकृत समि‍ति‍यों की संख्‍या  = 22
कुल सदस्‍य संख्‍या               =  1522
कुल स्‍थापि‍त हाथकरघे            =  131      
कुल कार्यशील हाथकरघे = 281
     
क्रमांक       समि‍ति‍ का नाम                पंजीयन क्रमांक व दि‍नांक
प्रथम        दुर्ग जि‍ला बनुकर सा दुर्ग          598/10.08.45
अंति‍म       आदि‍वासी कोरगुडा               1031/14.08.89 08.89

  • राज्‍य में कृषि‍ के बाद सर्वाधि‍क नि‍यमि‍त रोजगार उपलब्‍ध कराने वाला उद्योग हाथकरघा वस्‍त्र उद्योग है। इस उद्योग की सबसे बड़ी वि‍शेषता यह है कि‍ बि‍ना बि‍जली के कम से कम व्‍यवस्‍था से बनुकर कारीगर स्‍वयं रोजगार स्‍थापि‍त कर सकते है।
  •  हाथकरघा वस्‍त्र उत्‍पादन क्षेत्रों की जानकारी –

(1)  कोसा वस्‍त्र उत्‍पादन  -    रायगढ़ जांजगीर, चांपा, कोरबा, रायपुर, बि‍लासपुर , बस्‍तर
(2)  सूती फर्निशिंग ड्रेस मटेरि‍यल -    रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बस्‍तर, कवर्धा, बि‍लासपुर, धमतरी
(3)  कलात्‍मक सूती साड़ी - रायपुर,  जांजगीर, चांपा, रायगढ्, महासमुंद
(4)  परंपरागत वस्‍त्र उत्‍पादन -  बस्‍तर, कांकेर, दंतेवाड़ा, सरगुजा
(5)  हस्‍तशि‍ल्‍प के प्रमुख उत्‍पादन क्षेत्र - बस्‍तर, दंतेवाड़ा, कांकेर, सरगुजा, रायपुर, रायगढ़

  • प्रदेश के हाथकरघा वस्‍त्र उद्योग सहकारि‍ता के माध्‍यम से तथा नि‍जी क्षेत्र में वि‍कसि‍त है। सहकारी क्षेत्र में संलग्‍न बुनकरों को जहां कच्‍चा माल, बुनाई, मजदूरी, वि‍पणन की व्‍यवस्‍था एक छत के नीचे प्राप्‍त हो जाती है वहीं नि‍जी क्षेत्र में यह व्‍यवस्‍था अनेक स्‍तरों पर सम्‍पन्‍न होती है।
  • प्रदेश में शासकीय वि‍भागों को हाथकरघा से बने वस्‍त्र क्रय करने की अनि‍वार्यता है। इसके लि‍ये राज्‍य शासन द्वारा सभी वि‍भागों को हाथकरघा वस्‍त्र क्रय करने के लि‍ये र्नि‍देशि‍त कि‍या गया है। इसके अलावा नेशनल हेण्‍डलूम एक्‍सपो, बैंगलोर सि‍ल्‍क, क्राफ्ट बाजार, जि‍ला स्‍तरीय मेले, राष्‍ट्रीय एवं अर्न्‍तराष्‍ट्रीय प्रर्दशनी में भाग लेने बुनकरों को प्रोत्‍साहि‍त कि‍या जाता है।
  • तकनीकि‍ वि‍कास की जानकारी के लि‍ये हाथकरघा संचालनालय छत्‍तीसगढ् बुनकर सेवा केन्‍द्र रायगढ़  (भारत सरकार) द्वारा सतत् रूप से बुनकरों के लि‍ये कार्यशाला आयोजि‍त कर प्रशि‍क्षण की व्‍यवस्‍था की जा रही है। इससे गुणवत्‍ता एवं उत्‍पादन क्षमता में आशातीत् वृद्धि‍ हुई है।

*(संदर्भ): 100 कदम शतायु दुर्ग: 1906-2006