पर्यटक स्‍थल

श्री उवसग्गहरं पाश्र्व तीर्थ, नगपरा

दुर्ग पर्यटन स्थल

पार्षव प्रभु चरण

शिवनाथ नदी के किनारे पर स्थित श्री उवासग्गहरम पार्श्व तीर्थ एक जैन तीर्थ स्थल है। इसे 1995 में बनवाया गया था। इस तीर्थस्थल का प्रवेश द्वार एक 30 फीट ऊंचा द्वार है, जिस पर पार्श्वनाथ की एक प्रतिमा लगी हुई है। यह प्रतिमा चार स्तंभों पर टिकी हुई है, जो कि आत्मिक प्रायश्चित के चार जरूरी तत्व यानी ज्ञान, आत्मविश्लेषण, अच्छा आचरण और तपस्या को दर्शाता है। यहां आप दो हाथियों को प्रतिमा की पूजा करते हुए देख सकते हैं। संगमरमर के बने इस तीर्थ स्थल में मंदिरें, गेस्ट हाउस, प्राकृतिक चिकित्सा व योगा केन्द्र और एक खूबसूरत गार्डन है। अमिया नाम से जाना जाना वाला पवित्र जल एक मूर्ति से बहता है। श्री उवासग्गहरम पार्श्व तीर्थ में पूर्णिमा के दिन बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं।

 

मैत्री बाग

भिलाई मैत्री गार्डन

मैरात्री गार्डन में चिड़ियाघर

फव्वारा

मैत्री बाग एक चिड़ियाघर सह बच्चों का पार्क है जिसे भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा भारत एवं सोवियत संघ की मैत्री के प्रतीक रूप में स्‍थापित किया गया है। चिड़ियाघर के मुख्य आकर्षण देशी/विदेशी प्रजातियों के जानवर और पक्षी, मानव निर्मित झील, ट्राय ट्रेन और म्यूजिकल फाउंटेन हैं। म्यूजिकल फाउंटेन का प्रदर्शन मैत्री बाग के कृत्रिम झील में शाम के समय किया जाता है। इसमे संगीत के धुन पर पानी के अनेकों फव्‍वारें नृत्‍य करते है। पर्यटक इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में आते हैं। हर साल भिलाई इस्पात संयंत्र के उद्यानिकी विभाग की ओर से “ फ्लावर शो ” का आयोजन फरवरी माह में मैत्री बाग में किया जाता है। प्रकृति प्रेमियों को इस शो का बहुत ही बेसब्री से इंतजार रहता है।